Feb 24
Guest Post: This poem has been written by my Sister in Law. I really love it and want to share it with others..
एक दिन अचानक यूँ ही सोचा मैंने
काश कही ऐसा होता
इस दुनिया में कोई गम ना होता
कोई प्यासा ना होता
कोई तरसा ना होता
हर होठ पर शबनम और हंसी होती
इस दुनिया में सिर्फ ख़ुशी होती
हर दिल में सिर्फ मोहब्बत होती
नफरत की कोई जगह ना होती;
फिर तभी सोचा मैंने
अगर कही ऐसा होता
इस दुनिया में कोई गम ना होता
कोई प्यासा ना होता
कोई तरसा ना होता
तो ख़ुशी की कोई कीमत ना होती
हसी का कोई मोल ना होता
गम भी ख़ुशी का हिस्सा है
सारा किस्मत का किस्सा है
किसी को पहले गम
किसी को पहले ख़ुशी मिलती है
दुनिया में हर चेहरे को एक हसी मिलती है.!!
-सोनम
Tags: hindi, poetry, soul, Thoughts

Awesome hai bhai
magnificent, remarkable, outstanding…..n so marvelously clubbed da gr8 thots in words…
वाह वाह,, क्या लिख दिया है भाभी आपने.. मतलब keyboard तोड़ दिया(कलम तोड़ने जैसा ही कुछ,, मुझे संगणक के लिए उपयुक्त शब्द का नहीं ज्ञान है.),, अपनी लेखन प्रतिभा से… वैसे अगर अपने कुछ गुण आप अपने देवर को दे दें तो वो भी धन्य हो जायेगा…
वैसे कविता सर्वोत्कृष्ट है… उसके सम्बन्ध में कुछ लिखना सूरज को दिया दिखने जैसा है,, तो हम अपनी नैया हम खुद नहीं डुबायेन्गे॥
@ Ram Dulare Vajpayee: Tumhari bahut maar padegi..Keyboard hindi mein nahi likha jaa raha tha, aur apna asli naam likhne mein saram aati hai..
Its beautiful..!!